Blog बनाने से पहले इन 7 बातों का रखें ख्याल

मैंने 6 महीने पहले से ब्लॉगिंग शुरू की और इस दौरान मुझे कई गलतियों के साथ सीखने को मिला, जिन पर मैं निरंतर सुधार करता रहा। ये जरूरी नही कि Blogging शुरू करने के लिए आपको बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन मैें ब्लॉगिंग से पहले एक गुड लुकिंग ब्लॉग बनाने की सोचता था और ब्लॉग को Customize करने की काफी प्रैक्टिस भी करता था। यहाँ टाइम की वैल्यू बहुत ज्यादा है इसी लिए में आपको यही राय दूँगा कि आप गलतियां कम ही करें इसके लिए आप किसी दूसरे् Blogger की ग़लतियों से सीखकर भी ब्लॉगिंग में सफल हो सकते हैं।

New-blogger-tips-in-hindi

आज मैें आपको ब्लॉग्गिंग से जुड़े कुछ कारगर Tips बताऊँगा जो आपके लिए फ़ायदेमंद हो सकते है। 

आप एक ब्लॉग बनाते हैं और ये देखते है कि आपके आर्टिकल में विजिटर का क्या रिस्पांस मिल रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोई भी विजिटर आपके ब्लॉग पर तब तक दोबारा विजिट नही कर सकता जब तक उसे यह न लगे कि आपके आर्टिकल या ब्लॉग में लिखी जानकारी उनके लिए फ़ायदेमंद हो। इसलिए आपको अपने ब्लॉग में ऐसे नये कंटेंट डालने की जरुरत होगी जो किसी भी यूजर को आपके ब्लॉग पर विजिट करने के लिए मजबूर कर देगा ।

ब्लॉग्गिंग में आपको धैर्य बनाये रखना चाहिए :

अगर आप एक नया ब्लॉग शुरू कर रहे हैं तो आपको जल्दी से कुछ भी हासिल नही होने वाला, इसके लिए आपको सब्र करना होगा लेकिन जैसे जैसे आप ब्लॉग्गिंग जारी रखेंगे तो आपको ब्लॉग से जुड़ी कई दिलचस्प चीजें सीखने को मिलेंगी जो हर दिन आपके स्किल को बढ़ायेगा। इसमें थोड़ा सा टाइम लग सकता है। अपना पूरा फोकस ब्लॉग के कंटेंट्स पर दें न की विजिटर स्टेटस पर।

अन्य जानकारी :

  1. फ्री ब्लॉग बनाना सीखें :
  2. Blogger में custom Domain को जोड़े :
  3. नेविगेशन menu को टॉप में Fix कैसे करें :

एक ब्लॉग का Template और Theme कैसा होना चाहिए :

एक अट्रैक्टिव और गुड़ लुकिंग ब्लॉग या वेबसाइट  यूजर को आर्टिकल पड़ने के दौरान बढ़िया अनुभव देता है।  ज्यादा कलर डेंसिटी और तड़क भड़क वाले थीम का प्रयोग न करना यूजर को असहज महसूस करेगा। आप अक्सर देखेंगे कि एक पॉपुलर ब्लॉगर के ब्लॉग का लुक सिंपल लेकिन यूजर फ्रेंडली होता है। इसलिए शुरुआत के दिनों में अच्छे कंटेंट को लिखने में फोकस करें। Theme भी आपके ब्लॉग के लिए बहुत मायने रखता है। इसलिए ब्लॉग के लिए एक बेहतरीन theme का चुनाव करना आवश्यक है। जो डेस्कटॉप औए मोबाइल दोनों के लिए responsive हो. क्योकि कुछ थीम या टेम्पलेट मोबाइल फ्रेंडली नहीं होते, इसलिए आपको एक नए टेम्पलेट का चुनाव करने ये पहले ये जाँच लेना चाहिए कि आपका टेम्पलेट मोबाइल फ्रेंडली है या नही, आज के समय में कोई भी जानकारी स्मार्टफोन के जरिये ही एक्सेस की जाती हैं।

blogger-ke-liye-tips

सीखने की कोई सीमा नही होती:

Blog ही एक ऐसा माध्यम है जिसे आप कभी भी पूरा नही सीख सकते। कभी भी सीखना बंद ना करें। ब्लॉगिंग एक Super गैलेक्सी के सामान है, इसे पूरा सिख पाना संभव नहीं है। अगर आपको लगता है की आप एक माहिर ब्लॉगर है तो आप गलत सोच रहे हैं। क्योंकि यहाँ बहुत कुछ सिखने को मिलता है। आप ब्लॉगिंग के साथ नॉलेज जुटाते रहें।

केवल राइटिंग ब्लॉग्गिंग के लिए मायने नहीं रखता :

Blogging शुरू करने के बाद आपको केवल राइटिंग में ही फोकस नहीं रखना है। आपको साथ ही साथ Coding (Html, css, java script) का भी नॉलेज होना जरूरी है। कम से कम आपको web Development की बेसिक नॉलेज होना जरूरी है। इसके बाद आप ब्लॉगिंग के साथ साथ अपनी नॉलेज को भी बढ़ाते रहें। आपको एक ब्लॉग को कस्टमाइज और डिज़ाइन करना आना चहिये। इसके अलावा भी अपने ब्लॉग के हर एक पोस्ट पर ध्यान दें ?

Blogging आपके लिए Investment है :

अगर आप एक ब्लॉग शुरू करते है तो आपको अपने ब्लॉग को रनिंग में आने में थोडा समय लग सकता है। आपका ब्लॉग एक लॉन्ग टाइम इन्वेस्टमेंट है। आप जब 40 से 50 कंटेंट अपने ब्लॉग में लिख लोगे तभी धीरे धीरे आपका ब्लॉग रैंक करने लगेगा। याद रखे कि यह आपका एक बिज़नेस है जो दो दिन या एक महीने में नही मिलने वाला। शायद आपने अनुभव किया होगा कि हमारे साथ बुरी चीज होने में वक्त नहीं लगता पर अच्छी चीेज के लिए सालों भी गुजर जाते हैं। आप मेहनत से ब्लॉग जारी रखें यह आपको जरूर सक्सेस दिलाएगी।

ब्लॉग को रोजाना एक्टिव रखने के फायदे :

कुछ ब्लॉगर अपने ब्लॉग में काफी अच्छे Contents पोस्ट करते हैं लेकिन वो अपने ब्लॉग को रोजाना एक्टिव नहीं रख पाते इसी कारण वो सक्सेस नहीं हो पाते है। खासकर एक नए ब्लॉगर के लिए हर रोज कुछ न कुछ कंटेंट अपने ब्लॉग में पोस्ट करना जरूरी है, जिससे उसके ब्लॉग पर आने वाले विजिटर को हर रोज नया सीखने को मिलेगा जिससे ब्लॉग में ट्रैफिक भी बढ़ेगा जो एक ब्लोगेर के लिए फायदा ही देता है। दूसरा अगर आप अपने ब्लॉग में जितने ज्यादा कंटेंट डालते है उससे आपके ब्लॉग को सो में भी मदद मिलेगी। जो सर्च इंजन में अच्छे रैंकिंग लाने में मदद करेंगा। गूगल यह भी मॉनिटर करता है की किस ब्लॉगर में हर रोज कुछ नै चीजे ऐड होती है।

एक ब्लॉग के लिए गूगल आपकी मदद करेगा :

ऊपर लिखे हेडिंग्स को पढ़कर आप सोच रहे होंगे कि यह कैसे संभव है पर गूगल यह जानता है कि कौन सा आर्टिकल कितना वैल्युएबल है तो आप निश्चिन्त होकर अपने ब्लॉग्गिंग पर ध्यान दें, आपके कंटेंट्स की क्वालिटी को Google अच्छी तरह समझता है। साथ ही अपने ब्लॉग में जो भी spam, वल्गर जैसे कंटेंट से परहेज करें। क्योंकि ऐसा करके आप लम्बे समय तक अपने ब्लॉग पर Success नहीं पा सकते। ऐसे में आपकी कोई भी पोस्ट सर्च इंजन पर रैंक नही कर पाएगी।

दोस्तो एक नए ब्लॉगर को शरुआत में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इस लिए  मैंने आपके प्रोत्साहन के लिए ऊपर कुछ बातों को शेयर किया है, आशा करता हूँ कि इस बातों से आप निराश होने की बजाय जीवन में आगे बड़ते  रहने के लिए उत्सुक हो जायेंगे. यह पोस्ट कैसी लगी, आप कमेंट बॉक्स में अवश्य शेयर करें.

Post a Comment

0 Comments